एक कहावत है "चार कोस पर पानी बदले, आठ कोस पर बानी". पर इन्हें कौन समझाए की समस्याए नहीं बदलती, वही महंगाई, बलत्कार, हत्याए हर स्थान पर समान है. वो नहीं बदलती, चाहे उ.प्र हो, बिहार हो या हो देश की राजधानी, और उसपर जबरन बयानबाजी. हालाँकि सरकार कदम उठा रही है. कदम इस दिशा में कि कोई भी बयान न करे, खामोश रहे. भई वाह! आपके निर्देशों का हरसंभव पालन भी हो रहा है. बयान से याद आया खामखाह वी . के . सिंह जी परेशान हो गये. जिद पकड़ लिया है जनाब ने. अरे माना की आर्मी की अलग कोर्ट होती है, पर फैसले तो हुक्मरान ही लेते है. छोडिये जाने दिजिये, ये राजनीति को अपने रास्ते, हम अपने रस्ते......
(नोट :पूर्ण विराम अर्ध विराम इस गद्यांश में महत्व नहीं रखते है सुबिधानुसार प्रयोग करे )
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